हिमाचल प्रदेश में मंगलवार से पंचायती राज चुनाव के पहले चरण की वोटिंग शुरू हो गई। राज्य की 1293 ग्राम पंचायतों में सुबह 7 बजे से मतदान चल रहा है, जो दोपहर 3 बजे तक जारी रहेगा।
पहले चरण में 18 लाख से ज्यादा मतदाता अपने स्थानीय प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलग-अलग पदों के लिए वोट डाल रहे हैं। इनमें वार्ड सदस्य, प्रधान, उपप्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हैं।
राज्य में पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं। कुल 3745 ग्राम पंचायतों में मतदान होना है। दूसरे चरण की वोटिंग 28 मई और आखिरी चरण की वोटिंग 30 मई को होगी।
कई बूथ संवेदनशील घोषित
चुनाव को लेकर राज्यभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 16 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें कई बूथों को संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
कई जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था के जरिए नजर रखी जा रही है।
मतदान केंद्रों के आसपास बिना अनुमति किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा। उम्मीदवारों के कैंप बूथ से 100 मीटर दूर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मतदान केंद्रों के पास भीड़ जुटाने और प्रचार पर भी रोक लगाई गई है।
अधिकारियों ने बताया कि मतगणना प्रक्रिया की भी सीसीटीवी निगरानी होगी।
आज ही आएंगे कई पदों के नतीजे
वार्ड सदस्य, प्रधान और उपप्रधान पदों के नतीजे मंगलवार शाम तक घोषित किए जा सकते हैं। वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सीटों की गिनती तीनों चरणों की वोटिंग पूरी होने के बाद शुरू होगी।
अंतिम नतीजे 31 मई को जारी किए जाएंगे।
इस बार पंचायत चुनाव में 52 हजार से ज्यादा युवा पहली बार मतदान कर रहे हैं। चुनाव आयोग को उम्मीद है कि इस बार मतदान प्रतिशत पिछले चुनावों से ज्यादा रह सकता है।
बीजेपी ने सरकार पर लगाए आरोप
मतदान से पहले भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर चुनाव प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया है।
भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राजीव बिंदल और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में राज्यपाल से मिला। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।
भाजपा का आरोप है कि चुनाव शुरू होने के बाद आरक्षण और पदों से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया। पार्टी ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव के दौरान विकास योजनाओं और बजट घोषणाओं के जरिए आचार संहिता का उल्लंघन किया है।