दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक होटल में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। हादसे में कई विदेशी नागरिकों की भी मौत हुई है। दर्जनों लोग घायल हैं, जबकि बड़ी संख्या में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के मुताबिक आग फ्लोरिस स्टे होटल के बेसमेंट में चल रहे एक रेस्टोरेंट से शुरू हुई। देखते ही देखते लपटें ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गईं और आसपास के हिस्सों को भी अपनी चपेट में लेने लगीं। शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया है कि आग का असर पास के एक अन्य होटल तक महसूस किया गया।
सुबह के समय मची अफरा-तफरी
जब आग लगी तब होटल में ठहरे अधिकांश लोग सो रहे थे। अचानक धुआं और आग फैलने से कई मेहमानों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
होटल में 40 से अधिक लोग ठहरे हुए थे। इनमें इलाज और अन्य कामों के सिलसिले में दिल्ली आए विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
17 दमकलों ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, एम्बुलेंस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए। आग बुझाने और लोगों को बाहर निकालने के लिए 17 दमकल गाड़ियों को लगाया गया।
अधिकारियों के अनुसार होटल घनी आबादी वाले इलाके में स्थित है। भवन में आने-जाने के लिए केवल एक मुख्य रास्ता होने के कारण बचाव अभियान काफी मुश्किल रहा।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि बेसमेंट के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल ठहरने के लिए किया जा रहा था। भवन में पर्याप्त खिड़कियां नहीं होने से धुआं तेजी से भर गया।
जान बचाने के लिए ऊपर से कूदे लोग
आग बढ़ने के बाद कई लोग खुद को बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूदते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ लोग शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश करते दिखे।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ मिनटों के भीतर पूरा माहौल धुएं से भर गया था, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
फायर सेफ्टी पर उठे सवाल
हादसे के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था जांच के घेरे में आ गई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि होटल के पास वैध फायर एनओसी नहीं थी।
यह भी आरोप है कि जिस क्षमता की अनुमति दी गई थी, उससे अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था। मामले की जांच जारी है और आग लगने की असली वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।
दिल्ली पुलिस ने होटल प्रबंधन के खिलाफ गैरइरादतन हत्या समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित परिवारों के लिए सहायता का ऐलान
भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।