अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा, जोर्डन ने 8 मिसाइलें गिराईं

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब मध्यपूर्व के दूसरे देशों तक पहुंचता दिख रहा है। जोर्डन ने कहा है कि उसकी ओर दागी गई आठ मिसाइलों को हवाई सुरक्षा प्रणाली ने हवा में ही नष्ट कर दिया।

जोर्डन की सेना के मुताबिक, ये मिसाइलें ईरान से दागी गई थीं। सेना का बयान सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के जरिए सामने आया है। हमले में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी अभी नहीं दी गई है।

जोर्डन की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब ईरान की जवाबी कार्रवाई में बहरीन और कुवैत को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। इससे खाड़ी क्षेत्र के उन देशों की चिंता बढ़ गई है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।

ईरान के उत्तरी इलाकों तक पहुंचा अमेरिकी हमला

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। अमेरिकी हमले अब ईरान के उत्तरी हिस्सों तक पहुंच गए हैं।

अमेरिकी सेना ने एक जहाज पर गोली चलाने की भी जानकारी दी है। उसका आरोप है कि जहाज ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की थी। इस घटना से समुद्री रास्तों पर तनाव और बढ़ गया है।

ईरान ने गुरुवार सुबह मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी हमले किए। इन हमलों के बाद साफ है कि लड़ाई अब केवल अमेरिका और ईरान के बीच सीधी सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रही।

इसका असर खाड़ी देशों के सैन्य अड्डों, आसपास के हवाई क्षेत्र और अहम समुद्री रास्तों पर भी पड़ने लगा है।

बहरीन और कुवैत भी हमलों की चपेट में

ईरान की ओर से किए गए जवाबी हमलों में बहरीन और कुवैत को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण क्षेत्र के कई देशों ने अपनी हवाई सुरक्षा बढ़ा दी है। जोर्डन की ओर से आठ मिसाइलें गिराए जाने का दावा इसी बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है।

अब उन देशों पर भी दबाव बढ़ रहा है, जो सीधे इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं। उनके सामने अपनी सीमा, हवाई क्षेत्र और नागरिक आबादी की सुरक्षा की चुनौती है।

हर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर बढ़ी चिंता

तनाव का एक बड़ा केंद्र स्ट्रेट ऑफ हर्मुज भी बन गया है। दुनिया में तेल और गैस की ढुलाई के लिए यह समुद्री रास्ता बेहद अहम माना जाता है।

इस रास्ते को लेकर धमकी और जवाबी धमकी का दौर शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। समुद्री नाकाबंदी या जहाजों पर हमले की स्थिति में तेल ढुलाई पर सीधा असर पड़ सकता है।

यही वजह है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को केवल क्षेत्रीय सुरक्षा का मामला नहीं माना जा रहा। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल की कीमतों तक पहुंच सकता है।

कमजोर पड़ती दिख रही अंतरिम सहमति

कुछ समय पहले ईरान युद्ध को रोकने के उद्देश्य से बनी अंतरिम सहमति के बाद तनाव कम होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन नए हमलों ने उस उम्मीद को कमजोर कर दिया है।

लगातार सैन्य कार्रवाई, समुद्री नाकाबंदी और पड़ोसी देशों की ओर बढ़ते हमलों के बीच समझौते की जमीन तेजी से खिसक रही है।

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और तीन सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

फिर भी बढ़ती मानवीय क्षति और हमलों का फैलता दायरा गंभीर चिंता का कारण है। हालात ऐसे ही बिगड़ते रहे तो मध्यपूर्व में बड़े युद्ध को रोकने के लिए बची कूटनीतिक गुंजाइश और कम हो सकती है।

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यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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