राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड सेवा पर रोक, सुरक्षा खामी उजागर होने के 24 घंटे बाद कार्रवाई

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नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड करने की नई सुविधा शुरू किए अभी कुछ ही दिन हुए थे। लेकिन इस व्यवस्था में एक गंभीर सुरक्षा कमजोरी सामने आने के बाद अब यह सेवा बंद कर दी गई है। खोज समाचार की ओर से इस जोखिम को सार्वजनिक किए जाने के करीब 24 घंटे के भीतर संबंधित वेबसाइट और डाउनलोड विकल्प दोनों अनुपलब्ध हो गए हैं।

खोज समाचार ने 20 जून 2026 को प्रकाशित अपनी विस्तृत रिपोर्ट और वीडियो में बताया था कि राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड प्रणाली में पहचान सत्यापन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार, किसी व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि और नागरिकता जारी होने की तारीख जैसी जानकारी होने पर उसका राष्ट्रीय परिचयपत्र देखा या डाउनलोड किया जा सकता था। इसके लिए अलग से OTP या अन्य सुरक्षा जांच की आवश्यकता नहीं पड़ रही थी।

रिपोर्ट के बाद व्यापक चर्चा

इस मुद्दे को उठाने वाली खोज समाचार की वीडियो रिपोर्ट को सोशल मीडिया पर बड़ी प्रतिक्रिया मिली। फेसबुक पर वीडियो को अब तक 61 हजार से अधिक लाइक मिल चुके हैं। इसके अलावा हजारों लोगों ने टिप्पणी की और बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने इसे साझा भी किया।

वेबसाइट पर प्रकाशित नेपाली समाचार को भी बड़ी संख्या में पाठकों ने शेयर किया। टिप्पणी करने वाले कई लोगों ने सरकार से इस खामी को तत्काल सुधारने की मांग की। वहीं कुछ लोगों ने रिपोर्ट को सरकार की आलोचना बताकर प्रतिक्रिया भी दी।

डाउनलोड पोर्टल फिलहाल उपलब्ध नहीं

रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड से जुड़ा वेबपेज अब नहीं खुल रहा है। साइट पर जाने पर 404 (Page Not Found) त्रुटि दिखाई दे रही है।

इसके साथ ही सिटिजन पोर्टल के भीतर उपलब्ध डाउनलोड विकल्प भी हटा दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि संबंधित निकाय ने सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

खोज समाचार ने क्या सुझाव दिए थे?

रिपोर्ट में केवल समस्या की ओर ध्यान नहीं दिलाया गया था, बल्कि सुरक्षा बढ़ाने के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए थे।

  • राष्ट्रीय परिचयपत्र देखने या डाउनलोड करने से पहले OTP आधारित सत्यापन अनिवार्य किया जाए।
  • यदि तत्काल OTP प्रणाली लागू करना संभव न हो, तो डाउनलोड सुविधा को केवल नागरिक एप तक सीमित किया जाए।

रिपोर्ट में कहा गया था कि इस तरह की व्यवस्था से अनधिकृत पहुंच की संभावना काफी कम हो सकती है और नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी बेहतर तरीके से सुरक्षित रह सकती है।

नागरिकों की निजता से जुड़ा मामला

राष्ट्रीय परिचयपत्र केवल एक दस्तावेज नहीं है। इसमें नागरिकों की पहचान, व्यक्तिगत विवरण और संवेदनशील जानकारी शामिल होती है। ऐसे में किसी भी सुरक्षा कमजोरी का असर लाखों लोगों की गोपनीयता पर पड़ सकता है।

डिजिटल सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाना सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। लेकिन डिजिटल सुविधा तभी भरोसेमंद मानी जाती है जब उसके साथ मजबूत सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद हो।

अब आगे क्या?

सेवा बंद किए जाने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि संबंधित सरकारी निकाय इस सुरक्षा खामी की विस्तृत समीक्षा करेगा। आवश्यक सुधार और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने के बाद ही डाउनलोड सेवा को दोबारा शुरू किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पहचान से जुड़ी प्रणालियों में सुरक्षा को प्राथमिकता देना अनिवार्य है। नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना ऐसी सेवाओं का विस्तार भविष्य में और बड़े जोखिम पैदा कर सकता है।

DISCLAIMER +

यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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