राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड फिर शुरू, अब OTP के बिना नहीं मिलेगी पहुंच

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नेपाल में राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड सेवा दोबारा शुरू कर दी गई है। इस बार सिस्टम में एक अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था जोड़ी गई है। अब परिचयपत्र देखने या डाउनलोड करने के लिए उपयोगकर्ता को उसी मोबाइल नंबर पर भेजा गया OTP दर्ज करना होगा, जो राष्ट्रीय परिचयपत्र बनवाते समय दर्ज किया गया था।

कुछ समय पहले तक केवल व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर परिचयपत्र तक पहुंच संभव होने को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल उठे थे। इसके बाद यह सेवा कुछ समय के लिए बंद हो गई थी।

खोज समाचार ने उठाया था सुरक्षा का मुद्दा

असार 6, 2083 को खोज समाचार ने राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड प्रणाली में संभावित सुरक्षा जोखिमों पर विस्तृत वीडियो रिपोर्ट और समाचार प्रकाशित किया था।

रिपोर्ट में बताया गया था कि परिचयपत्र देखने या डाउनलोड करने के लिए OTP, मोबाइल सत्यापन या किसी दूसरी सुरक्षा परत की जरूरत नहीं थी। सवाल यह था कि यदि किसी व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि और नागरिकता जारी होने की तारीख पता हो, तो उसके राष्ट्रीय परिचयपत्र तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

इस विषय पर खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया में भी व्यापक चर्चा हुई। खोज समाचार की वीडियो रिपोर्ट पर हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी और बड़ी संख्या में शेयर तथा टिप्पणियां कीं।

खबर के अगले दिन सेवा बंद हो गई थी

सुरक्षा संबंधी खबर प्रकाशित होने के अगले ही दिन राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड सेवा उपलब्ध नहीं रही थी।

उस समय डाउनलोड से जुड़ा वेबपेज खोलने पर 404 (पेज नॉट फाउंड) त्रुटि दिखाई दे रही थी। वहीं सिटिजन पोर्टल से भी डाउनलोड विकल्प हटा दिया गया था।

हालांकि संबंधित निकाय की ओर से उस समय सेवा बंद किए जाने का कोई औपचारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया था।

सेवा बहाल हुई तो जुड़ा OTP सत्यापन

अब सेवा दोबारा शुरू होने के साथ OTP आधारित प्रमाणीकरण जोड़ा गया है। यानी केवल व्यक्तिगत विवरण भरना पर्याप्त नहीं होगा। उपयोगकर्ता को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP भी दर्ज करना होगा।

खोज समाचार ने पहले भी सुझाव दिया था कि राष्ट्रीय परिचयपत्र जैसी संवेदनशील सेवा में OTP सत्यापन अनिवार्य होना चाहिए। साथ ही यह विकल्प भी रखा गया था कि यदि तत्काल OTP प्रणाली लागू करना संभव न हो तो डाउनलोड सुविधा को केवल नागरिक एप तक सीमित किया जा सकता है।

एक चुनौती अब भी बाकी

नई सुरक्षा व्यवस्था को सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन एक व्यावहारिक समस्या अब भी सामने आ सकती है।

कई लोग ऐसे हैं जिनके पास परिचयपत्र बनवाते समय दर्ज किया गया मोबाइल नंबर अब सक्रिय नहीं है। खासकर विदेश में काम कर रहे नागरिकों या लंबे समय से नंबर बदल चुके लोगों को OTP प्राप्त करने में दिक्कत हो सकती है।

ऐसे मामलों को देखते हुए ईमेल आधारित सत्यापन का विकल्प भी उपयोगी हो सकता है। इससे सुरक्षा बनी रहेगी और सेवा का इस्तेमाल करना भी आसान होगा।

संवेदनशील डिजिटल सेवाओं में सुरक्षा जरूरी

राष्ट्रीय परिचयपत्र केवल एक पहचान दस्तावेज नहीं है। यह नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी और गोपनीय डेटा से सीधे जुड़ा हुआ सिस्टम है।

ऐसी सेवाओं में सुविधा के साथ मजबूत सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। OTP आधारित सत्यापन को डेटा सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा सकता है।

अब उम्मीद की जा रही है कि संबंधित निकाय भविष्य में सिस्टम की सुरक्षा को और मजबूत करेगा तथा जरूरत पड़ने पर ईमेल सत्यापन जैसी अतिरिक्त सुरक्षा परतों को भी शामिल करेगा।

DISCLAIMER +

यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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