कॉकरोच जनता पार्टी ने बढ़ाया सरकार पर दबाव

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कॉकरोच जनता पार्टी ने बढ़ाया सरकार पर दबाव

दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए बड़े प्रदर्शन के एक दिन बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने साफ कर दिया है कि उसका अभियान यहीं रुकने वाला नहीं है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर शुरू हुआ आंदोलन अब अगले चरण में जाने की तैयारी में है।

प्रदर्शन के बाद जारी संदेश में दिपके ने आंदोलन में शामिल लोगों का आभार जताया। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे युवा भी सड़क पर उतरे जो पहले कभी किसी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बने थे। उनके मुताबिक इस जुटान ने युवाओं को अपनी बात खुलकर रखने का भरोसा दिया है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा प्रबंधन, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा संस्थानों की जवाबदेही से जुड़े मामलों में सरकार अपेक्षित स्तर पर काम नहीं कर पाई है।

सीजेपी ने सरकार को सात दिन का समय दिया है। पार्टी का कहना है कि यदि इस अवधि में कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली तो आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया जाएगा।

सड़क पर दिखा युवाओं का गुस्सा

जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी, अभिभावक, पेशेवर वर्ग के लोग और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कई प्रतिभागी दूसरे राज्यों से भी दिल्ली पहुंचे थे।

प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने कॉकरोच के प्रतीक वाले मास्क पहन रखे थे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार, परीक्षा संबंधी पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही की मांग उठाई। बेरोजगारी और भर्ती में देरी जैसे मुद्दे भी आंदोलन के केंद्र में रहे।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ अभियान

कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का अभियान अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। शुरुआत में इसे व्यंग्यात्मक पहल के तौर पर देखा गया था, लेकिन धीरे-धीरे यह शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय दबाव समूह के रूप में उभरा है।

पार्टी का दावा है कि उसे ऑनलाइन व्यापक समर्थन मिला है और दिल्ली का प्रदर्शन उसी समर्थन को जमीन पर उतारने की कोशिश का हिस्सा था।

सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई।

इसके अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और राजधानी की सीमाओं पर भी निगरानी कड़ी की गई थी। प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र स्थित अभिजीत दिपके के आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

राजनीतिक हलकों में भी चर्चा

आंदोलन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि उन्होंने पार्टी के नाम पर पुनर्विचार करने की सलाह भी दी।

दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी अपने नाम और प्रतीक को युवाओं की उपेक्षा, संघर्ष और असंतोष का प्रतीक बताती रही है।

आगे क्या?

सीजेपी नेतृत्व का कहना है कि सात दिन की समयसीमा पूरी होने के बाद अगली रणनीति सार्वजनिक की जाएगी। पार्टी का दावा है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवालों पर युवाओं की नाराजगी अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है।

यदि सरकार की ओर से बातचीत या मांगों पर कोई पहल नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को देश के दूसरे हिस्सों तक ले जाने की तैयारी की जा सकती है।

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