राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड हुआ आसान, लेकिन सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

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नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय परिचयपत्र (नेशनल आईडी कार्ड) को ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा शुरू कर दी है। अब नागरिक अपने मोबाइल फोन से घर बैठे ही डिजिटल राष्ट्रीय परिचयपत्र प्राप्त कर सकते हैं। यह कदम डिजिटल सेवाओं को आम लोगों तक पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालाँकि, इस सुविधा के साथ एक ऐसा सुरक्षा सवाल भी सामने आया है जिसने नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खोज समाचार द्वारा की गई समीक्षा में पाया गया कि वर्तमान डाउनलोड प्रक्रिया में अतिरिक्त पहचान सत्यापन की व्यवस्था नहीं दिखती, जिससे संवेदनशील दस्तावेज़ों के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है।

मोबाइल से कैसे डाउनलोड करें राष्ट्रीय परिचयपत्र?

राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले अपने मोबाइल में Google खोलें और “NID Nepal” सर्च करें।

सर्च परिणाम में “Download Your ENID” विकल्प दिखाई देता है। उस पर क्लिक करने के बाद एक ऑनलाइन फॉर्म खुलता है।

फॉर्म में निम्न विवरण भरने होते हैं:

  • पूरा नाम नेपाली भाषा में
  • पूरा नाम अंग्रेजी में
  • विक्रम संवत् के अनुसार जन्मतिथि
  • नागरिकता जारी होने की तिथि
  • कैप्चा कोड

कैप्चा भरने के बाद “Search” बटन दबाने पर यदि संबंधित व्यक्ति का राष्ट्रीय परिचयपत्र पहले से जारी हो चुका है तो उसका कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देता है।

इसके बाद “Download Card” विकल्प पर क्लिक करके कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।

यदि किसी मोबाइल में कैप्चा लोड नहीं हो रहा हो तो Chrome, Safari या किसी अन्य ब्राउज़र का उपयोग किया जा सकता है। रात के समय वेबसाइट अपेक्षाकृत कम व्यस्त होने के कारण प्रक्रिया अधिक सहज चल सकती है।

पीडीएफ खोलने के लिए पासवर्ड कैसे बनता है?

डाउनलोड होने के बाद राष्ट्रीय परिचयपत्र पीडीएफ फाइल के रूप में उपलब्ध होता है। इसे खोलने के लिए 8 अंकों का पासवर्ड आवश्यक होता है।

पासवर्ड बनाने का तरीका यह है कि नाम के शुरुआती चार अक्षर अंग्रेजी के बड़े अक्षरों (CAPITAL LETTERS) में लिखे जाते हैं और उसके बाद जन्म वर्ष जोड़ा जाता है।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति का नाम Roshan Shrestha है और जन्म वर्ष 2050 है, तो पासवर्ड ROSH2050 होगा।

पीडीएफ डाउनलोड होने के बाद मोबाइल के डाउनलोड फोल्डर या फाइल मैनेजर में सुरक्षित रहती है।

कहाँ दिखी सुरक्षा से जुड़ी चिंता?

खोज समाचार की पड़ताल में सामने आया कि राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड करने के लिए मुख्य रूप से तीन जानकारियों की आवश्यकता पड़ती है।

  • पूरा नाम
  • जन्मतिथि
  • नागरिकता जारी होने की तिथि

यदि किसी व्यक्ति के पास ये जानकारियाँ हों तो वह संबंधित कार्ड तक पहुँचने की कोशिश कर सकता है। मौजूदा प्रक्रिया में मोबाइल ओटीपी, ईमेल सत्यापन या किसी अन्य अतिरिक्त सुरक्षा स्तर की अनिवार्यता दिखाई नहीं देती।

यही वजह है कि डेटा सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सामान्य नागरिक भी क्यों हो सकते हैं प्रभावित?

कई लोगों को लग सकता है कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं है। लेकिन वास्तविकता यह है कि नागरिकता की प्रतियाँ और निजी विवरण जीवन के अलग-अलग चरणों में कई संस्थाओं तक पहुँचते हैं।

  • फोटोकॉपी दुकानों में
  • सिम कार्ड लेते समय
  • बैंक और सहकारी संस्थाओं में
  • मैनपावर कंपनियों में
  • शैक्षिक और रोजगार संबंधी प्रक्रियाओं में
  • विभिन्न सरकारी और निजी कार्यालयों में

यदि किसी माध्यम से नाम, जन्मतिथि और नागरिकता जारी होने की तिथि किसी गलत व्यक्ति तक पहुँच जाए तो उसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

गलत हाथों में पहुँचने पर क्या हो सकता है नुकसान?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से पहचान संबंधी दस्तावेज़ों की सुरक्षा पर ज़ोर देते रहे हैं। किसी सरकारी पहचान पत्र की डिजिटल कॉपी गलत व्यक्ति तक पहुँचने पर कई तरह की समस्याएँ पैदा हो सकती हैं।

संभावित जोखिमों में शामिल हैं:

  • फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाना
  • विभिन्न प्लेटफॉर्म पर केवाईसी सत्यापन का प्रयास
  • डिजिटल वॉलेट या ऑनलाइन सेवाओं में पंजीकरण
  • फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी
  • अतिरिक्त व्यक्तिगत जानकारी जुटाने की कोशिश
  • भविष्य के साइबर अपराधों की तैयारी

विशेषज्ञों का मानना है कि पहचान संबंधी दस्तावेज़ों का दुरुपयोग कई बार पीड़ित व्यक्ति को कानूनी और वित्तीय परेशानी में भी डाल सकता है।

सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्या किया जा सकता है?

डेटा सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस प्रणाली में कुछ अतिरिक्त उपाय जोड़े जा सकते हैं।

ओटीपी आधारित सत्यापन

राष्ट्रीय परिचयपत्र देखने या डाउनलोड करने से पहले पंजीकृत मोबाइल नंबर, ईमेल या किसी अन्य माध्यम पर ओटीपी भेजा जा सकता है।

सही ओटीपी दर्ज करने के बाद ही कार्ड तक पहुँच की अनुमति दी जाए तो सुरक्षा का स्तर काफी मजबूत हो सकता है।

विदेश में रहने वाले नेपाली नागरिकों को ध्यान में रखते हुए ईमेल आधारित सत्यापन भी उपयोगी विकल्प माना जा रहा है।

डाउनलोड सुविधा नागरिक एप तक सीमित करने का सुझाव

यदि तत्काल ओटीपी प्रणाली लागू करना संभव न हो तो राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड करने की सुविधा केवल नागरिक एप के माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकती है।

नागरिक एप में पहले से कई स्तरों पर पहचान सत्यापन होता है। ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति के लिए किसी नागरिक का दस्तावेज़ हासिल करना अपेक्षाकृत कठिन हो जाएगा।

निष्कर्ष

घर बैठे राष्ट्रीय परिचयपत्र डाउनलोड कर पाना डिजिटल नेपाल की दिशा में एक सकारात्मक और सुविधाजनक कदम है। इससे नागरिकों का समय और श्रम दोनों बच सकते हैं।

लेकिन किसी भी डिजिटल सेवा की सफलता केवल उसकी सुविधा से तय नहीं होती। सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

राष्ट्रीय परिचयपत्र जैसे संवेदनशील दस्तावेज़ों से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं में यदि अतिरिक्त सुरक्षा परतें जोड़ी जाएँ तो नागरिकों का भरोसा और अधिक मजबूत हो सकता है। यही कारण है कि संबंधित निकायों से इस व्यवस्था की सुरक्षा समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने की अपेक्षा की जा रही है।

DISCLAIMER +

यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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