इजरायल-ईरान तनाव का असर, तेल बाजार में उछाल

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इजरायल-ईरान तनाव का असर, तेल बाजार में उछाल

इजरायल और ईरान के बीच सोमवार को फिर सैन्य गतिविधियां तेज होने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दोनों देशों की ओर से आक्रामक बयानबाजी और सुरक्षा तैयारियों ने इस आशंका को मजबूत किया है कि हालात नियंत्रण से बाहर गए तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है।

ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, इजरायल ने इस्फहान प्रांत के नजफाबाद इलाके को निशाना बनाया। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

उधर इजरायली सेना ने संकेत दिया है कि उसकी शीर्ष सैन्य कमान हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। सेना प्रमुख एयाल जमीर समेत वरिष्ठ अधिकारी आगे की रणनीति को लेकर लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

दोनों पक्षों के तेवर सख्त

घटनाक्रम के बाद इजरायल की ओर से ईरान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने अधिक सख्त कार्रवाई की मांग की। इससे यह संकेत भी मिला कि इजरायल के भीतर जवाबी कदमों को लेकर दबाव बढ़ रहा है।

दूसरी ओर ईरान ने उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें उसे सऊदी अरब के अल-खार्ज एयर बेस से जुड़े कथित हमले से जोड़कर देखा जा रहा था। हाल में मिसाइल संबंधी सुरक्षा चेतावनियों के बाद इस तरह की अटकलें तेज हो गई थीं।

इन आरोप-प्रत्यारोपों ने क्षेत्रीय देशों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि सीमित सैन्य कार्रवाई भी अब बड़े टकराव का रूप ले सकती है।

यमन से दागी गई मिसाइल रोकी गई

इजरायली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यमन से छोड़ी गई एक मिसाइल को इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली ने रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया।

खतरा टलने के बाद नागरिकों को सुरक्षित आश्रयों से बाहर निकलने की अनुमति दे दी गई। इस घटना ने यह भी दिखाया कि इजरायल एक साथ कई सुरक्षा मोर्चों का सामना कर रहा है।

कूटनीतिक प्रयासों पर दबाव

तनाव बढ़ने के बावजूद अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ जारी बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालिया घटनाएं वार्ता प्रक्रिया को पटरी से नहीं उतारेंगी।

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई से बचने की अपील की है।

वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही बातचीत में परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। हालांकि लेबनान, हिज्बुल्लाह और व्यापक सुरक्षा ढांचे जैसे कई संवेदनशील विषय अब भी समाधान से दूर हैं।

तेल बाजार में तुरंत असर

सैन्य तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी दिखाई दिया।

  • ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3.6 प्रतिशत बढ़कर 96 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई।
  • वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) में भी 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

अनिश्चितता के दौर में पश्चिम एशिया

ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात कितनी तेजी से बदल सकते हैं। फिलहाल बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, जिससे तत्काल व्यापक संघर्ष की संभावना कुछ हद तक टली हुई दिखाई देती है।

फिर भी सैन्य सतर्कता, कूटनीतिक दबाव और आर्थिक असर के बीच क्षेत्र एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां किसी भी नई घटना का प्रभाव सीमाओं से कहीं आगे तक महसूस किया जा सकता है।

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