नेपाल की राजनीति को लेकर नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने एक बार फिर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि देश में दिख रही अराजक प्रवृत्तियां लंबे समय तक टिकने वाली नहीं हैं और राज्य के विभिन्न निकायों में बैठे लोगों को मौजूदा हालात को स्थायी मानकर काम नहीं करना चाहिए।
काठमांडू में बुधवार से शुरू हुए एमाले के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओली ने राजनीतिक व्यवस्था के कई दौरों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नेपाल ने राणा शासन, पंचायती व्यवस्था और राजतंत्र जैसे दौर देखे हैं, लेकिन समय के साथ वे भी समाप्त हुए।
उनका कहना था कि राजनीति में परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं। ऐसे में राज्य संयंत्र से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं को जल्दबाजी या जरूरत से ज्यादा सक्रिय भूमिका से बचना चाहिए।
संगठन को सक्रिय बनाने पर जोर
कार्यशाला के दौरान ओली ने पार्टी संगठन को मजबूत बनाने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सदस्यता नवीकरण और संगठन विस्तार का अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा करने का प्रयास भी है।
ओली के अनुसार पार्टी के भीतर कहीं-कहीं दिखाई देने वाली निष्क्रियता, भ्रम और अनिश्चितता को दूर करने में यह पहल मददगार साबित होगी। उन्होंने कार्यशाला में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं से स्पष्ट राजनीतिक दृष्टिकोण के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में लौटने का आह्वान किया।
देशभर से पहुंचे पार्टी पदाधिकारी
कार्यक्रम में एमाले के जिला अध्यक्ष, सचिव, प्रदेश स्तर के पदाधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों के प्रभारी, संगठन विभाग के प्रतिनिधि और जनसंगठनों के प्रमुख शामिल हुए हैं।
पार्टी के केंद्रीय संगठन विभाग की ओर से आयोजित यह कार्यशाला दो दिनों तक चलेगी। एमाले इसे सदस्यता प्रबंधन, संगठन विस्तार और कार्यकर्ता परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने की अपनी व्यापक रणनीति का हिस्सा मान रहा है।