लियोनल मेसी ने खरीदा स्पेनिश क्लब सीडी एल्डेन्स
अर्जेंटीना के कप्तान और इंटर मियामी के स्टार लियोनल मेसी अब स्पेनिश फुटबॉल में खिलाड़ी से अलग भूमिका में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। मेसी ने स्पेन के सेकेंड डिवीजन क्लब सीडी एल्डेन्स का मालिकाना हक खरीदने का समझौता किया है। क्लब ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है।
हालांकि, मेसी अभी औपचारिक रूप से क्लब की कमान नहीं संभालेंगे। मालिकाना हक के हस्तांतरण के लिए स्पेन की उच्च खेल परिषद (CSD) की मंजूरी जरूरी है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नया स्वामित्व पूरी तरह लागू होगा।
बहुमत हिस्सेदारी वाले समूह से खरीदे सभी शेयर
मेसी ने पिछले महीने उस कोलंबियाई निवेश समूह के साथ समझौता किया था, जिसके पास एल्डेन्स की बहुमत हिस्सेदारी थी। समझौते के तहत मेसी ने समूह के सभी शेयर खरीदने पर सहमति जताई।
नियामक मंजूरी मिलने के बाद क्लब पर उनका मालिकाना हक औपचारिक हो जाएगा।
स्पेनिश फुटबॉल में मेसी का यह दूसरा क्लब है। इससे पहले अप्रैल 2026 में उन्होंने बार्सिलोना के यूई कोर्नेला का मालिकाना हक खरीदा था। कुछ ही महीनों में दो क्लबों में निवेश यह दिखाता है कि स्पेन से उनका पुराना रिश्ता अब क्लब स्वामित्व और फुटबॉल प्रबंधन तक पहुंच रहा है।
एल्डेन्स ने दी लंबे समय की योजना की झलक
1921 में स्थापित एल्डेन्स नए मालिकाना ढांचे के साथ लंबी अवधि की योजना पर काम करना चाहता है। क्लब का जोर सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन सुधारने तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थागत ढांचे और सामाजिक पक्ष को मजबूत करना भी इस परियोजना का हिस्सा होगा।
क्लब ने यह भी साफ किया है कि पेशेवर फुटबॉल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश के दौरान उसकी पुरानी पहचान और इतिहास को संभालकर रखा जाएगा।
मेसी की एंट्री इसी वजह से केवल मालिक बदलने तक सीमित मामला नहीं है। आने वाले समय में क्लब के प्रबंधन, निवेश और खेल से जुड़े फैसलों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मैदान पर फिलहाल मुश्किल में एल्डेन्स
नई शुरुआत की चर्चा के बीच टीम की मौजूदा स्थिति आसान नहीं है। सेकेंड डिवीजन में सात मैच खेलने के बाद एल्डेन्स चार मुकाबले हार चुका है और अंक तालिका में 19वें स्थान पर है।
यानी क्लब के सामने सबसे जरूरी काम अभी नतीजे सुधारना और रेलिगेशन के खतरे से दूरी बनाना है।
नई मालिकाना व्यवस्था लंबी अवधि में क्या बदलाव लाती है, यह बाद में दिखेगा। फिलहाल नजर इस बात पर रहेगी कि क्लब प्रबंधन कौन से फैसले लेता है और उनका असर टीम के प्रदर्शन पर कितनी जल्दी दिखाई देता है।
मेसी का स्पेन से रिश्ता काफी पुराना है। खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने अपने करियर का बड़ा हिस्सा इसी देश में बिताया। अब वही रिश्ता एक नए दौर में प्रवेश करता दिख रहा है—इस बार मैदान पर गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि फुटबॉल क्लबों के मालिक और उनकी भविष्य की योजनाओं में हिस्सेदार के रूप में।
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